0

Quran and Science
जब से इस पूथ्वी ग्रह पर मानवजाती का जनम हुआ है, तब से मनुष्य ने हमेशा यह समझने के कोशिश के है के पराकुर्तिक व्यवस्था केसे काम करती है रचनाओ और प्राणियों के ताने बने में इसका अपना क्या स्थान है और यह के आखिर खुद जीवन की अपनी उपयोगिता और उद्दशिये क्या है ? सच्चाई के इसे तलाश में जो सदियों जे मुद्दत और धीर घम्भीर संस्कुर्तियो पर फेली हुए है.
कुरान पाक, जो इस्लामी आस्था का कैंद्रीये शीरोत है, एक ऐसे किताब है जिसे इस्लाम के अनुदायी मुसलमान, पूरे तोर पर खुदाई या आसमानी साधनों से आया हुआ मानते है | इसके अलावा, कुरान-ए-पाक के बारे में मुसलमानों का यह विश्वास है, की इसमें रहती दुनिया का मानवजाती के लिये निर्देश मोजूद है, चुकी कुरान का पैग़ाम हर ज़माने, हर दौर के, लोगो के लिये है अत: इसे हर युगीन समानता के अनुसार होना चाहिए , तो क्या कुरान इस कसोटी पर पूरा उतरा है.?
डॉ.जाकिर नाईक की इस किताब को ज़रूर पढ़े.
कुरान और विज्ञान

Post a Comment

Dear readers, after reading the Content please ask for advice and to provide constructive feedback Please Write Relevant Comment with Polite Language.Your comments inspired me to continue blogging. Your opinion much more valuable to me. Thank you.